चेयरमैन तेजिंदर मेहता द्वारा 131वें संविधान संशोधन बिल का तीखा विरोध, महल को ललकारा
पटियाला।ज़िला योजना कमेटी पटियाला के चेयरमैन और आम आदमी पार्टी के ज़िला प्रधान ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तावित 131वें संविधान संशोधन बिल को चंडीगढ़ को पंजाब से छीनने की सीधी और खतरनाक तैयारी करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
आप नेता ने मोती महल पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रधान और कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी बीबा जयहिंदर कौर, जो चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ धरना दे रही हैं, उन्हें अब अपने पंजाबी होने का सबूत देते हुए चंडीगढ़ बचाने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ धरना देना चाहिए।
श्री मेहता ने कहा कि मोती महल हमेशा सत्ता में बने रहने के जुगाड़ में लगा रहता है। महल वालों का पंजाब, पंजाबी, पंजाबीयत और पंजाब के हक़ों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का था, है और रहेगा। 131वें संशोधन बिल के ज़रिए किसी को भी चंडीगढ़ पंजाब छीनने नहीं दिया जाएगा।
चेयरमैन मेहता ने कहा कि यह बिल सिर्फ प्रशासनिक संशोधन नहीं है, बल्कि पंजाब के अधिकारों पर सबसे बड़ा संवैधानिक हमला है। भाजपा सरकार चंडीगढ़ को केंद्र के पूर्ण कब्ज़े में लाने के लिए रास्ता साफ कर रही है, जिससे पंजाब के ऐतिहासिक और कानूनी दावे को कमजोर किया जा सके।चंडीगढ़ सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पंजाब की पहचान, पंजाब का अधिकार और पंजाब के संवैधानिक हक़ का प्रतीक है। 131वें संशोधन बिल के ज़रिए केंद्र ने खुला ऐलान कर दिया है कि वह चंडीगढ़ को पंजाब से पूरी तरह अलग करना चाहता है।
उन्होंने कहा कि यदि यह बिल पास होता है तो केंद्र चंडीगढ़ के प्रशासन, कानून, सेवा ढांचे और नीतिगत फैसलों को अपने हाथ में ले लेगा, जिससे भविष्य में पंजाब का दावा संवैधानिक रूप से लगभग समाप्त हो जाएगा। यह पंजाब-विरोधी कदम है, जो राज्य की राजनीतिक, प्रशासनिक और ऐतिहासिक पहचान को कमजोर करेगा।
ज़िला प्रधान ने कहा कि भाजपा सरकार चंडीगढ़ को कदम–दर–कदम केंद्र के अधीन स्थायी रूप से लाने की साज़िश रच चुकी है।कभी केंद्रीय सेवाएँ लागू करके,
कभी अधिकारियों की भर्ती बदलकर, कभी पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट भंग करके, और अब इस संवैधानिक संशोधन के ज़रिए यह पूरी साज़िश बेनकाब हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की ज़िला यूनिट का हर कार्यकर्ता, हर नेता और हर साथी इस नाजायज़ बिल के खिलाफ मज़बूती से खड़ा रहेगा और पंजाब के हक़ों के लिए किसी भी क़ुर्बानी से पीछे नहीं हटेगा।
