सबहेडिंग-भाषा भवन में युवा लेखक सतदीप गिल की पुस्तक का विमोचन
पटियाला- युवा लेखक सतदीप गिल की लिखी पहली किताब ‘फंतासिया’ का विमोचन यादगार रहा। पाठकों से खचाखच भरे भाषा भवन के सेमिनार हाल में प्रसिद्ध अभिनेता और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्मजीत अनमोल ने पुस्तक के लोकार्पण की रस्म अदा की। प्रसिद्ध समाज सेवी संगठन पब्लिक हेल्प फाउंडेशन, मातृभाषा जागरूकता मंच, पंजाबी विकिमीडिया यूज़र ग्रुप, कथो प्रकाशन की ओर से भाषा विभाग, पंजाब के सहयोग से आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता भाषा विभाग के डायरेक्टर एवं प्रसिद्ध कवि जसवंत सिंह ज़फ़र ने की, जबकि जिला योजना बोर्ड के नवनियुक्त चेयरमैन तजिंदर मेहता, सीबा स्कूल लहरागागा के डायरेक्टर कंवलजीत सिंह ढींडसा और एसएमओ घनौर डॉ. किरनजोत कौर उप्पल ने विशेष मेहमानों के रूप में शामिल हुए। समारोह में साहित्य, शिक्षा, कला और समाज सेवा के क्षेत्र से जुड़ी जानी-मानी हस्तियाँ शामिल हुईं।

समारोह की शुरुआत महान पंजाबी अभिनेता स्वर्गीय जसविंदर भल्ला को श्रद्धांजलि के साथ हुई। समारोह को संबोधित करते हुए श्री अनमोल ने कहा कि सतदीप की यह पुस्तक पंजाब और लैटिन अमेरिकी देशों की संस्कृतियों और भाषाओं के बीच एक सेतु का काम करेगी। उन्होंने कहा कि सतदीप की पुस्तक ‘फंतासिया’ न केवल पढ़ने, बल्कि लिखने के लिए भी प्रेरित करती है। यह पंजाबी पाठकों के साथ-साथ लेखकों की संख्या में भी वृद्धि करेगी। अध्यक्षीय भाषण देते हुए श्री ज़फर ने कहा कि ‘फंतासिया’ एक प्रयोगात्मक पुस्तक है, जो किसी एक विधा की मोहताज नहीं है। सतदीप ने इस रोचक और पठनीय पुस्तक की रचना करके पंजाबी साहित्य लेखन के क्षेत्र में भविष्य की नई संभावनाओं को उजागर किया है। श्री मेहता ने सतदीप को बधाई दी और कहा कि भविष्य में जिला योजना बोर्ड साहित्य और पुस्तकों में लोगों की रुचि बढ़ाने के लिए सतदीप का सहयोग लेगा। साहित्यकार बलराम बोधि ने कहा कि हर रचनात्मक कार्य को बड़े उत्साह के साथ जनता तक पहुँचाना चाहिए जिससे समाज में सकारात्मकता फैले और लोगों की कलात्मक रुचि बढ़े। लेखक सतदीप ने पुस्तक की लेखन प्रक्रिया, सात लैटिन अमेरिकी देशों की अपनी यात्रा और भाषा सीखने के सफर के बारे में बताया। प्रो. बावा सिंह ने कहा कि यह पुस्तक युवाओं को घुमक्कड़ी सिखाएगी। पंजाबी विकिमीडिया यूजर ग्रुप के वालंटियर मीडिया इंचार्ज अमन अरोड़ा ने मेहमानों का धन्यवाद किया। आईआईआईटी हैदराबाद के प्रोग्राम अफ़सर नितेश गिल ने बाखूबी मंच संचालन किया। इसके अलावा प्रो. राजिंदरपाल सिंह बराड़, प्रो. चरणजीत कौर बराड़, डॉ. पवन टिब्बा, लेखक जगदीश पापड़ा, एडवोकेट जोगिंदर सिंह जिंदू, डॉ. प्रभजोत गिल, डॉ. वरिंदर खुराना, डॉ. गुरलाल मान, डॉ. मानवप्रीत कौर, कुसुम शर्मा, अभिनेता सहज अजीज और अन्य विद्वानों ने पुस्तक और लेखक सतदीप पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रोफेसर बलवीर सिंह बल्ली, कथो प्रकाशन के एमडी अर्श रांडियाला, फिल्म निर्देशक हरीश गार्गी, संजीत नरूला, जजविंदर सोढ़ी, अभिनेता शाहबाज बाजवा, आनंद प्रिया, गायक मंदीप अनहद, बुक लवर्स रिट्रीट संस्था से नीतू चोपड़ा, पब्लिक हेल्प फाउंडेशन के महासचिव रविंदर रवि, समाजसेवी विनोद बाली, मिशन लाली हरियाली से हरदीप सिंह सनौर, पंजाब इको फ्रेंडली एसोसिएशन के अध्यक्ष वरिंदर जग्गा, अश्विनी गर्ग रॉबिन, थोड़ा सा आसमान एनजीओ की प्रधान मीनू पुरी, रमनप्रीत कौर बाली, फुटबॉल कोच इंद्रजीत सिंह, बलविंदर सिंह भट्टी, हैरी लुधियाना और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
