पटियाला- पटियाला बुक क्लब और ऑटम आर्ट की ओर से प्रसिद्ध इतिहासकार, राजनीतिक वैज्ञानिक तथा स्टॉकहोम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. इश्तियाक अहमद द्वारा लिखित और पंजाबी के प्रतिष्ठित नाटककार एवं अनुवादक बलराम द्वारा अनूदित पुस्तक ‘जिन्ना: उनकी सफलताएँ, असफलताएँ, द्विराष्ट्र सिद्धांत और इतिहास में उनकी भूमिका’ पर विचार-चर्चा 6 जून को शाम 4 बजे भाषा विभाग, पटियाला के सेमिनार हॉल में आयोजित की जाएगी।
पटियाला बुक क्लब के संयोजक एडवोकेट हरबंस सिंह कंसूहा कलां द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम भारतीय उपमहाद्वीप के आधुनिक इतिहास के सबसे अधिक चर्चित व्यक्तित्वों में से एक मोहम्मद अली जिन्ना की राजनीतिक भूमिका और ऐतिहासिक विरासत को समझने का अवसर प्रदान करेगा। डॉ. इश्तियाक अहमद की यह पुस्तक जिन्ना के राजनीतिक सफर, उनकी सफलताओं और असफलताओं, द्विराष्ट्र सिद्धांत के विकास तथा भारत के विभाजन में उनकी भूमिका का तथ्यों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर विश्लेषण करती है।
इस पुस्तक का पंजाबी अनुवाद बलराम ने किया है, जिन्होंने नाटक और अनुवाद के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। इस अनुवाद के माध्यम से पंजाबी पाठकों को दक्षिण एशिया के इतिहास से जुड़े एक महत्वपूर्ण अध्ययन को अपनी भाषा में पढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. रविंदर सिंह रवि मंच संचालन की जिम्मेदारी निभाएंगे, जबकि चरण गिल स्वागत भाषण प्रस्तुत करेंगे। भारतीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. बावा सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शोध-पत्र प्रस्तुत करेंगे तथा पुस्तक में उठाए गए ऐतिहासिक, राजनीतिक और वैचारिक प्रश्नों पर अपने विचार साझा करेंगे। इस अवसर पर पुस्तक के अनुवादक बलराम भी उपस्थित रहेंगे।
आयोजकों ने साहित्य, इतिहास, राजनीति और सामाजिक अध्ययन में रुचि रखने वाले पाठकों, शोधार्थियों, अध्यापकों, विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों से इस साहित्यिक कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की है।
