पंजाबी विकिमीडियंस यूज़र ग्रुप ने की मांग
पटियाला- पंजाबी विकिमीडियन्ज यूज़र ग्रुप की ओर से वर्ल्ड पंजाबी सेंटर, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के सहयोग से आयोजित विकिपीडिया ट्रेनिंग वर्कशॉप के दौरान एक महत्वपूर्ण मांग पत्र मुख्य अतिथि तेजिंदर मेहता, चेयरमैन जिला योजना कमेटी पटियाला को सौंपा गया। वर्कशॉप के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता पंजाबी वर्ल्ड सेंटर के निदेशक डॉ. भीम इंदर सिंह ने की, जबकि प्रख्यात अनुवादक चरण गिल, उत्तरी क्षेत्रीय भाषाएं केंद्र के प्रिंसिपल डॉ. पवन टिब्बा और साहित्यकार बलराम बोधी विशेष अतिथियों के रूप में शामिल हुए।
ग्रुप के वॉलंटियर मीडिया एडवाइजर अमन अरोड़ा ने बताया कि सीनियर विकिमीडियन्ज सतदीप गिल, नितेश गिल और ग्रुप कोऑर्डिनेटर कुलदीप बुर्ज भलाईके द्वारा दिए गए मांग पत्र में पंजाब सरकार से सार्वजनिक धन से छपने वाली समस्त सामग्री को कॉपीराइट से मुक्त करने की अपील की गई है। ग्रुप का मानना है कि एआई के दौर में पंजाबी के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर ज्ञान-विज्ञान के विभिन्न विषयों पर पंजाबी में अधिक से अधिक सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए। क्योंकि ज्ञान समाज की साँझी धरोहर है, इसलिए लोगों के टैक्स से तैयार होने वाली हर प्रकार की सामग्री जैसे कि किताबें, शोध पत्र, रिपोर्टें और सरकारी दस्तावेज आदि सभी के लिए मुफ्त उपलब्ध होने चाहिए। इससे विद्यार्थी, शोधकर्ता, शिक्षक, पंजाबी भाषा सेवक और आम नागरिक लंबे समय तक इसका लाभ उठा सकेंगे। मांग पत्र में यह भी दर्शाया गया कि तमिलनाडु और ओडिशा जैसे राज्यों द्वारा इस प्रकार के कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं और भारत सरकार की गवर्नमेंट ओपन डेटा लाइसेंस पॉलिसी भी इसके पक्ष में है।
ग्रुप ने यह भरोसा भी दिया है कि यदि पंजाब सरकार यह मांग स्वीकार करती है तो पंजाबी विकिमीडियंस यूज़र ग्रुप इस सामग्री को विकिमीडिया फाउंडेशन के प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इंटरनेट पर मुफ्त उपलब्ध करवाने में अपना योगदान देगा।
मुख्य अतिथि तेजिंदर मेहता ने ग्रुप द्वारा की गई मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए भरोसा दिलाया कि वे इस मांग के समर्थक और वकील की भूमिका निभाते हुए मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान और सभी संबंधित अथारिटीज तक इस मांग को मंजूर करवाने के लिए पहुंच करेंगे। अध्यक्षीय भाषण के दौरान डॉ. भीम इंदर सिंह ने भी इस मांग को जायज ठहराया और कहा कि आज के समय में ज्ञान को बंद करने के बजाय खुला रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा के डिजिटल विकास के लिए सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों को खुले लाइसेंसों का पालन करना चाहिए। उन्होंने पंजाबी विकिमीडियंस यूज़र ग्रुप को वर्ल्ड पंजाबी सेंटर की ओर से भविष्य में हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिया।
इस मौके पर चरण गिल ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि पंजाबी भाषा को डिजिटल युग से जोड़ना समय की आवश्यकता है और विकिमीडिया प्रोजेक्ट्स इस कार्य में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वॉलंटियर्स की निरंतर मेहनत से पंजाबी में ज्ञान का खजाना बढ़ रहा है और इस तरह के प्रयासों को और बढ़ाने की आवश्यकता है। अमन अरोड़ा ने अतिथियों का धन्यवाद किया। कार्यशाला के तकनीकी सत्रों के दौरान नितेश गिल, सतदीप गिल और कुलदीप बुर्ज भलाईके ने मुख्य प्रशिक्षकों के रूप में प्रतिभागियों को विकिपीडिया संपादन, संदर्भ जोड़ने और नई सामग्री जोड़ने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में सोनिया अटवाल, तमनप्रीत कौर, गुरतेज चौहान, गुरमेल कौर गिल, अश्विंदर कौर, राजदीप कौर, हरप्रीत दुगाल, तरन गोस्वामी, हरमनजीत सिंह और अन्य विद्यार्थियों, शोध स्कॉलरों तथा विकिपीडिया में रुचि रखने वाले लोगों ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन- पटियाला के वर्ल्ड पंजाबी सेंटर में जिला योजना समिति के चेयरमैन तेजिंदर मेहता को मांग पत्र देते हुए डॉ. भीम इंदर सिंह, पंजाबी विकिमीडियन सतदीप गिल, नितेश गिल, कुलदीप बुर्ज भलाईके, चरण गिल और अमन अरोड़ा।
