पटियाला- जिला योजना कमेटी, पटियाला के चेयरमैन तेजिंदर मेहता ने पीएसपीसीएल के चेयरमैन को पत्र लिखकर मांग की है कि बकाया बिजली बिलों के कारण किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले उसे कम से कम 15 दिनों का लिखित नोटिस दिया जाए। उन्होंने कहा कि बिलिंग प्रक्रिया में आई दिक्कतों के कारण कई उपभोक्ताओं को बिल की कॉपी समय पर नहीं मिली और केवल एसएमएस के माध्यम से बिल की जानकारी दी गई, जिसके कारण बिल भरने के इच्छुक आम नागरिकों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तेजिंदर मेहता ने कहा कि पिछले समय के दौरान मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया में आई रुकावटों के कारण कई उपभोक्ताओं को बिजली बिल की कॉपी समय पर प्राप्त नहीं हुई। कई मामलों में बिल की राशि और बिल जमा करवाने की अंतिम तारीख के संबंध में जानकारी केवल एसएमएस के माध्यम से दी गई। उन्होंने कहा कि हर उपभोक्ता के लिए मोबाइल पर आने वाले हर एसएमएस को तुरंत देखना संभव नहीं होता, खासकर बुजुर्गों और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप ऐसे उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जो बिल का भुगतान करने में सक्षम और इच्छुक हैं, लेकिन उन्हें बिल की स्पष्ट और समय पर जानकारी नहीं मिली। इस कारण आम नागरिकों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेहता ने अपने पत्र में पंजाब राज्य बिजली रेगुलेटरी कमिशन के ‘इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कोड, 2024’ के रेगुलेशन 41(10) और 44(1) का हवाला देते हुए कहा कि बिल की डिलीवरी और बकाया बिल के कारण बिजली सप्लाई काटने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कनेक्शन काटने से पहले उपभोक्ता को नियमों के अनुसार लिखित नोटिस देना जरूरी है।
उन्होंने यह भी मांग की कि केवल एसएमएस के माध्यम से बिल की राशि बताए जाने को कनेक्शन काटने का आधार न बनाया जाए, खासकर उन मामलों में जहां उपभोक्ता को बिल की कॉपी प्राप्त नहीं हुई। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन पहले ही काटे जा चुके हैं और वे बकाया बिल जमा करवाने के लिए तैयार हैं, उनके मामलों की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करके राहत देने की भी मांग की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएसपीसीएल द्वारा आम उपभोक्ताओं के हित में इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।
